Shocking: चटनी खाने की वजह से मरते-मरते बची मह‍िला, चटनी खाने के है शौकीन, तो आप के लिए जानना जरूरी

Shocking : खाने के साथ ज्‍यादातर लोग चटनी लेना पसंद करते हैं. साथ में चटनी हो तो मजा दोगुना हो जाता है. कई लोगों को तो इसकी एक तरह से लत लगी होती है. हर खाने के साथ चटनी चाहिए ही. चटनी खाएं, लेकिन जांच परखकर. क्‍योंकि ब्राजील में एक मह‍िला को थोड़ी सी लापरवाही इस कदर भारी पड़ी कि उसकी जान पर बन आई. चटनी खाते ही वह अपाह‍िज हो गई और मरते मरते बची. हफ्तों वह अस्‍पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही. वजह हर किसी के लिए जानना बेहद जरूरी है. ताकि आप इस तरह की  गलती भूलकर भी न करें. यह जानलेवा साबित हो सकता है.

न्‍यूयॉर्क पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील (Brazil) की रहने वाली कारनेइरो सोब्रेरा गोज ने बाजार से पेस्‍टो (Pesto Sauce)खरीदा था. यह एक इटैल‍ियन चटनी है, जिसमें कुचला हुआ लहसुन, यूरोपीयन पाइन नट्स, नमक, तुलसी के पत्‍ते और पनीर डालकर बनाया जाता है. कुछ लोग इसमें भेड़ का दूध और जैतून का तेल भी डालते हैं. हरीभरी दिखने वाली यह चटनी बेहद स्‍वाद‍िस्‍ट होती है. इसीलिए गोज को भी यह काफी पसंद थी. वह हर बार खाने के साथ इसका स्‍वाद लेना पसंद करती हैं.

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हाथ पैरों को भी हिला नहीं पा रही थीं
मगर इस बार गोज ने जैसे ही चटनी खाई उनकी तबीयत खराब होने लगी. उल्‍ट‍ियां होने लगी. सांस लेना मुश्क‍िल हो गया. अपने हाथ पैरों को वह हिला भी नहीं पा रही थीं. कुछ भी बोल पाने में दिक्‍कत हो रही थी. फ‍िर भी वह कुछ घंटों तक घर में लेटी रहीं कि शायद तबीयत कुछ ठीक हो जाए, फ‍िर जाकर दिखा लेंगी. लेकिन हालत खराब होती चली गई. जीभ में झुनझुनी महसूस होने लगी. किसी तरह वह अस्‍पताल पहुंची. डॉक्‍टरों ने तुरंत सिटी स्‍कैन किया. पता चला कि शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है.

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क्‍या है बोटुलिज़्म नामक यह दुर्लभ संक्रमण
डॉक्‍टरों ने बताया कि उन्‍हें बोटुलिज़्म (botulism) नामक एक दुर्लभ संक्रमण हो गया है. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार, आमतौर पर यह फूड प्‍वाइजन‍िंग की वजह से होता है. शक्‍त‍िशाली बैक्‍टीरिया शरीर की नसों पर हमला करते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्‍कतें आती हैं. मांसपेश‍ियां श‍िथ‍िल पड जाती हैं. लकवा मार देता है और कई बार तो मौत तक हो जाती है. गोज के साथ भी यही हुआ था. पेस्‍टो एक्‍सपायर्ड था और उसमें बैक्‍टीरिया फैल गए थे जो फूड प्‍वाइजन‍िंग का कारण बने. बैक्‍टीरिया ने उनके पाचन तंत्र को पूरी तरह नष्‍ट कर दिया. डॉक्‍टरों ने उन्‍हें एंटी बोटुल‍िज्‍म दवा दी, इसके बाद वह बोल पाने में सक्षम हुईं. लेकिन हफ्तों तक वह जिंदगी और मौत से जूझती रहीं. गोज ने बताया कि उन्‍होंने सिर्फ इतनी लापरवाही कर दी कि यह नहीं देखा कि चटनी एक्‍स्‍पायर्ड है या नहीं. बाद में पता चला कि बॉटल पर तो न एक्‍सपायरी डेट ल‍िखी थी और न ही अन्‍य विशेषताएं. इसल‍िए आप भी जब भी इस तरह का कोई सामान लें तो एक्‍सपायरी डेट जरूर चेक कर लें और खाने से पहले भी इसे देखें; कई बार हम घर में रखे रहते हैं औश्र वह एक्‍सपायर हो जाता, हमें पता हीं नहीं चलता.

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