liquor : मदिरा प्रेमी सावधान,स्कॉच के नाम पर परोसी जा रही है नकली शराब

liquor: कच्ची शराब बिकने की खबरें तो अक्सर आपने सुनी होंगी, लेकिन आप चौंक जाएंगे दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद में चल रहे महंगी शराब के रैकेट को सुनकर। महंगी बॉटल्स में लोगों को सस्ती शराब भरकर पिलाई जा रही है। मुनाफा कमाने के लिए महंगी स्कॉच बोतल में सस्ती दारू को भरकर बेचा जा रहा है, लेकिन ये हो रहा है इतनी चालाकी से किसी को शक भी नहीं हो रहा।

दिल्ली-NCR में महंगी शराब की बोतल में सस्ती शराब
हिंदुस्तान टाइम्स में इस मामले में एक डिटेल रिपोर्ट छापी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में बड़े लेवल पर ये खेल खेला जा रहा है। एक दो नहीं कई लोग इस खेल का हिस्सा है। सिर्फ लिकर शॉप में ही नहीं बल्कि बार, क्लब्स में भी महंगी स्कॉच के नाम पर सस्ती शराब लोगों को परोसी जा रही है। इसी साल अप्रैल में फरीदाबाद में चरण सिंह नाम के एक शख्स के बेसमेंट में रेड हुई। वहां से महंगी शराब की कई बोटल्स बरामद हुई जिनमें विदेशी बोटल्स के साथ साथ देश की सबसे महंगी विस्की की बोटल्स भी शामिल थीं। इसके अलावा वहां से बोतल के ढक्कन, कोर्क, लेबल, और दूसरा सामान भी बरामद हुआ जिससे नई बोटल तैयार की जा सकती हैं।

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कैसे स्कॉच के दाम पर परोसी जा रही है सस्ती शराबसबसे पहले जान लीजिए कैसे महंगी शराब की बोतल में सस्ती शराब भरकर लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। कबाड़ी वाले से महंगी स्कॉच की बोटल को 300 रुपये में खरीदा जाता है। इस महंगी बोतल का ढक्कन 50 रुपये में तैयार होता होता है। इसके बाद असली शराब की तरह लेबल तैयार किया जाता है जिसकी कॉस्ट पड़ती है 50 रुपये। अब जब महंगी बोतल पूरी तरह से तैयार हो जाती है तो सीरिंज की मदद से इसमें सस्ती शराब भर दी जाती है। सस्ती शराब की कीमत पड़ती है करीब 350 रुपये। यानी इस पूरी बोतल को बनाने की कीमत 750 रुपये। स्कॉच की कोई भी बोतल करीब 3000 रुपये कम नहीं पड़ती, लेकिन ये लोग उसी बोटल को नकली शराब भरकर 750 रुपये में तैयार कर लेते हैं।

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लोगों को भी देते हैं लुभावने ऑफर
अब जान लीजिए ये कैसे लोगों को इस खरीदने के लिए लुभाते हैं। जो बोटल आमतौर पर 3000 रुपये की मिलती है, ये उन्हीं बोटल को डिस्काउंट पर लोगों को 2000 रुपये तक में बेच देते हैं। लोगों को लगता है कि उन्हें एक हजार रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इससे लोग खुश होते जाते हैं, लेकिन अब सोचिए इनका मुनाफा कितना होता। जिसकी कीमत इन्हें सिर्फ 750 रुपये पड़ी थी उसे इन्होंने 2000 रुपये में बेचा यानी लोगों को खुश करने के बावजूद 1250 रुपये का मुनाफा।

कई लोग इस काले धंधे से जुड़े हुए हैं
शराब के इस पूरे गोरखधंधे में कई लेवल पर काम हो रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स से में छपी रिपोर्ट के मुताबिक भूमित यादव एक स्क्रैप डीलर है जिन्होंने बताया कि वो किस तरह महंगी शराब की बोतल में डील करते हैं और उन्हें उन लोगों तक पहुंचाते हैं जो नकली शराब भरकर लोगों को बेचते हैं। आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि भूमित यादव ने सिर्फ एक महीने में ऐसी खाली महंगी शराब की बोतल बेचकर एक लाश 87 हजार रुपये कमाए। ये खुद इन्हें छोटे कबाड़ियों से खरीदते हैं और फिर इन बॉटल्स को सफाई के लिए भेजा जाता है।

अलग-अलग लेवल पर किए जाते हैं बोतल बनाने के काम
सफाई के काम के लिए कुछ और लोग भी इससे जुड़े होते हैं। इसी तरह कुछ लोग इन बोटल्स की ढक्कन बनाने का काम भी करते हैं और और कुछ लेबलिंग प्रिंट करने का। ये सब काम इतनी सफाई से होते हैं कि असली और नकली में फर्क ही नहीं किया जा सकता। जब बोटल तैयार हो जाती है तो फिर शुरू होता है इन बॉटल्स को भरने का काम। जानवरों को इंजेक्ट करने वाली सिरिंज का इस्तेमाल करके आखिर में इन बॉटल्स को भर दिया जाता है।

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पुलिस कई बार ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है
हालांकि लिकर कंपनी से जुड़े लोग इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन पुलिस को कई बार इस तरह की नकली शराब की बोतलें बरामद हो गई है। कुछ लोग गिरफ्तार भी हुए हैं, लेकिन ये सब बहुत छोटे पैमाने पर हुआ है। पुलिस के मुताबिक पहले इस तरह से कारोबार दिल्ली में भी चल रहा था, लेकिन अब ये पूरी तरह से फरीदाबाद, गुड़गांव जैसे इलाकों में शिफ्ट हो चुका है। ऐसा नहीं है कि लोगों को असली और नकली शराब की पहचान नहीं होती। कई बार लोगों ने इस मामले में शिकायत भी दर्ज करवाई हैं, लेकिन ये काम ऐसे ही चल रहा है।

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