kidnapping : फरीदाबाद के कारोबारी के बेटे का अपहरण,इस हालत में कार की डिक्की से बरामद,जाने क्या है पूरी कहानी…

kidnapping : यूपी के आगरा में पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर अपहरणकर्ताओं से एक लड़के को बरामद किया है. एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए लड़के को अगवा किया गया था. अपहरणकर्ता उसे कार की डिक्की में भरकर मैनपुरी ले जा रहे थे. तभी सूचना पाकर पुलिस ने चेकिंग की तो अपहरणकर्ता कार भगाने लगे. लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया.

दरअसल, जिस 18 वर्षीय लड़के ईशांत अग्रवाल का अपहरण किया गया था वो फरीदाबाद के रहने वाले फर्नीचर कारोबारी आशीष अग्रवाल का बेटा है. आशीष अग्रवाल ने बताया कि उनका इकलौता बेटा ईशांत छुट्टी पर घर आया था. मंगलवार को उसे अपनी चचेरी बहनों से मिलने के लिए नोएडा जाना था.

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नोएडा के बजाय, एक्सप्रेसवे पर निकल गया ड्राइवर

इसके लिए आशीष ने अपने ड्राइवर आकाश यादव को बुलाया. आकाश मैनपुरी का रहने वाला है. सुबह 10 बजे के करीब बजे ईशांत को ड्राइवर आकाश यादव घर से लेकर चला था. उसे नोएडा के सेक्टर 44 जाना था. जहां ईशांत के रिश्तेदार पारस गुप्ता रहते हैं. लेकिन काफी देर बाद भी वह वहां पर नहीं पहुंचा.

जब ईशांत के पिता ने बेटे के मोबाइल पर फोन किया तो वह स्विच ऑफ आया. फिर उन्होंने ड्राइवर का नंबर मिलाया तो उसका भी नंबर नहीं लगा. इधर, पारस गुप्ता भी फोन ट्राई कर रहे थे. इसी बीच आशीष अग्रवाल के मोबाइल पर कार में लगे फास्ट टैग से टोल के पैसे कटने का मैसेज आया. ये मैसेज यमुना एक्सप्रेसवे के टोल था. मैसेज देखते ही ईशांत के घरवालों को माजरा समझते देर नहीं लगी.

सूचना मिलते ही आगरा पुलिस एक्टिव हो गई

पारस गुप्ता और आशीष अग्रवाल ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी. अपहरण की खबर मिलते ही आगरा पुलिस एक्टिव हो गई. टोल प्लाजा के आसपास चेक पोस्ट को अलर्ट कर दिया गया. कार की फास्टटैग लोकेशन के अनुसार वह मथुरा पार कर रही थी. पुलिस ने रूट पर नाकाबंदी कर गाड़ियों की चेकिंग शुरू की तो एक संदिग्ध गाड़ी नजर आई. रोकने पर ड्राइवर ने उसे भगाने की कोशिश की मगर पुलिस ने उसे पकड़ लिया.

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कार की डिक्की खोलते ही पुलिस रह गई हैरान

कार की तलाशी ली गई तो डिक्की से ईशांत अग्रवाल को बरामद कर लिया गया. इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर आकाश यादव और उसके साथी आशीष यादव को गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से एक तमंचा और 315 बोर का कारतूस भी मिला है. दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि एक करोड़ रुपये वसूलने के लिए उन्होंने ईशांत का अपहरण किया था.

पुलिस ने दी पूरी जानकारी

एसीपी एत्मादपुर सौरभ सिंह ने बताया कि पारस गुप्ता निवासी नोएडा ने थाना खंदौली को फोन कर यह सूचना दी थी कि उनके भांजे ईशांत अग्रवाल (18) को उसके ड्राइवर आकाश यादव ने अगवा कर लिया है. अगवा कर वो उसे यमुना एक्सप्रेसवे की ओर ले जा रहे हैं. सूचना पर त्वरित रूप से एसएचओ खंदौली नीरज मिश्रा और चौकी इंचार्ज आरपी सिंह ने पूरी टीम के साथ एक्स्प्रेसवे टोल पर सघन चेकिंग शुरू की.

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तकरीबन 30 मिनट बाद उक्त कार नोएडा की ओर से आती हुई दिखाई दी. अपहरणकर्ताओं ने जब पुलिस की सघन चेकिंग को देखा तो उन्होंने गाड़ी को तेज कर दिया. पुलिस ने कड़े प्रयासों के उपरांत जब गाड़ी को रोका और उसकी डिक्की खुलवाई तो उसमें ईशांत अग्रवाल डरा सहमा लेकिन सकुशल पाया गया.

पुलिस ने दोनों अपहरणकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. फिर ईशांत के बरामद होने की सूचना हरियाणा पुलिस और उसके परिवार को दी गई. देर रात फरीदाबाद के सूरजकुंड थाना पुलिस और ईशांत के परिजन खंदौली थाना आए. सरकारी कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद ईशांत अपने परिजनों के साथ रवाना हो गया. वहीं, कार थाना सूरजकुंड पुलिस अपने साथ ले गई है.

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