Earthquake : एक के बाद एक भूकंप के झटकों ने मचाई तबाही, 15 लोगों की गई जान, 40 से अधिक घायल

Earthquake : अफगानिस्तान में शनिवार को एक के बाद एक आए तीन भूकंप के तेज झटकों ने तबाही मच दी. इसमें कम से कम 15 लोगों की जान चली गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए. प्रशासन द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है और लोगों को मलबे में निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.

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पहला भूकंप दोपहर 12:11 बजे आया, जिसकी तीव्रता 6.1 थी. इसके कुछ ही मिनट बाद 12:19 पर 5.6 तीव्रता वाले भूकंप से फिर धरती दहली. और फिर दोपहर 12:42 बजे रिक्टर पैमाने पर 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र पश्चिमी अफगानिस्तान के एक प्रमुख शहरी केंद्र हेरात शहर से 40 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में बताया गया है.

अफगान अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे लोग मलबे में फंस गए. उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है. घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. इस दौरान कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है. आकंड़ बढ़ सकता है.

आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता जनान सैक ने बताया कि आज आए भूकंप में हेरात के “जिंदा जान” जिले के तीन गांवों में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और लगभग 40 अन्य घायल हो गए. फराह और बदगीस प्रांतों में कुछ घर भी आंशिक रूप से बर्बाद हो गए हैं.

न्यूज एजेंसी एपी ने बताया कि एक चश्मदीद के मुताबिक, पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में शनिवार को कई झटकों के साथ एक मजबूत भूकंप की सूचना मिली थी. डब्ल्यूएचओ और काबुल में ईरान दूतावास जैसे कुछ संगठनों ने भूकंप के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की और घोषणा की कि वे पीड़ितों की मदद के लिए सहयोग करेंगे.

क्यों आते हैं भूकंप?

धरती की ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिल कर बनी है. जहां भी ये प्लेटें एक दूसरे से टकराती हैं वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है. भूकंप तब आता है जब इन प्लेट्स एक दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं, प्लेट्स एक दूसरे से रगड़ खाती हैं, उससे अपार ऊर्जा निकलती है, और उस घर्षण या फ्रिक्शन से ऊपर की धरती डोलने लगती है, कई बार धरती फट तक जाती है, कई बार हफ्तों तो कई बार कई महीनों तक ये ऊर्जा रह-रहकर बाहर निकलती है और भूकंप आते रहते हैं, इन्हें आफ्टरशॉक कहते हैं.

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